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मुंबई: शहर में ड्रग्स तस्करी के एक नए तरीके का पुलिस ने खुलासा किया है, जिसमें आरोपी गैस रिपेयर सर्विस देने के बहाने नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से करीब 16 लाख रुपये कीमत की मेफेड्रोन ड्रग्स बरामद की गई है। एमडी (मेफेड्रोन) की अवैध संपत्तियों को लेकर एंटी-नारकोटिक्स सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग मोटरसाइकिल के माध्यम से शहर में नशीले पदार्थों की दुकान कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने वैज्ञानिक जांच शुरू की और संदिग्ध खतरे पर नजर रखी गई।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी खुद को गैस रिपेयर सर्विस से जुड़ा बताकर लोगों के बीच आसानी से पहुंच बनाते थे, जिससे उन पर शक कम होता था। इसी आड़ में वे ड्रग्स की डिलीवरी और बिक्री का काम करते थे। इस पूरे ऑपरेशन को सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर सुशीला कोल्हे की निगरानी में अंजाम दिया गया। उनके नेतृत्व में उपनगर पुलिस स्टेशन और एंटी-गुंडा स्क्वाड की संयुक्त टीम ने गुरुवार रात दो अलग-अलग स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की और जाल बिछाया।

जैसे ही आरोपी मोटरसाइकिल पर संदिग्ध हालत में इलाके से गुजर रहे थे, पुलिस टीम ने उन्हें रोक लिया और मौके पर ही हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से बड़ी मात्रा में मेफेड्रोन ड्रग्स बरामद हुई, जिसकी बाजार कीमत लगभग 16 लाख रुपये आंकी गई है। सुशीला कोल्हे की राय में यह कार्रवाई पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि यह गिरोह लंबे समय से शहर में सक्रिय था और नए तरीके से अपनाकर नशीले बदमाशों की तस्करी कर रहा था। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं और इनके सप्लाई चैन का दायरा कितना बड़ा है। अधिकारियों ने कहा है कि ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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