कुंभारवाड़ा वेलफेयर सेंटर की प्रबंध समिति के चुनाव 2026
सुधार :
पाठकों कृपया ध्यान दें कि पिछले सप्ताह कुंभारवाड़ा वेलफेयर सेंटर के चुनाव की रिपोर्टिंग में कुछ गलतियाँ रह गई थीं। उन गलतियों को सुधारते हुए हम यह रिपोर्ट दोबारा पेश कर रहे हैं।
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शफी रेडियोवाला, मोबिन कुरैशी, रुपेश खांडके, प्रोफेसर सईद खान और डॉक्टर साबिर सैयद निर्वाचित
तीन वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट सर्वसम्मति से खारिज
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मुंबई शहर की प्रसिद्ध सामाजिक संस्था कुंभारवाड़ा वेलफेयर सेंटर की प्रबंध समिति के चुनाव 8 अगस्त 2026 को सेंटर के नसीर पठान हॉल में आयोजित किए गए।
प्रोफेसर सईद खान और सेंटर के कोषाध्यक्ष नईम शरीफ की लगातार कोशिशों के परिणामस्वरूप आखिरकार मौजूदा प्रशासन को लगभग तीन वर्षों के बाद आम सभा की बैठक और चुनाव करवाने पड़े।
चुनाव में समाजसेवी शफी रेडियोवाला और शिक्षाविद प्रोफेसर सईद खान के पैनल आमने-सामने थे। प्रबंध समिति की 20 सीटों के लिए कुल 26 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।
सफल उम्मीदवारों में शफी रेडियोवाला, रुपेश खांडके और मोबिन कुरैशी 30-30 वोट प्राप्त करके सबसे आगे रहे। अन्य प्रमुख सफल उम्मीदवारों में डॉ. यूसुफ माचिसवाला, अंजुमन-ए-इस्लाम के डायरेक्टर डॉ. साबिर सैयद और प्रोफेसर सईद खान के नाम उल्लेखनीय हैं।
अन्य सफल उम्मीदवारों में अखलाक खान, साजिद पठान, नईम शरीफ, सैयद अरशद हुसैन, श्रीमती राबिया शेख, श्रीमती समीना वाघेर, मिस नीलोफर जरीवाला, सैयद जाकिर चूनावाला, इमरान मुल्ला, निजाम शेख, अली असगर, फारूक कलाडिया, शम्सुज्जमां और इमरान खान शामिल हैं।
इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण और ध्यान देने योग्य पहलू यह रहा कि सेंटर के मौजूदा अध्यक्ष साजिद पठान से सदस्यों ने वित्तीय मामलों, खातों और कुप्रबंधन से संबंधित सवाल पूछे। हालांकि, बैठक में इन सवालों के संतोषजनक जवाब सामने नहीं आ सके। इसके परिणामस्वरूप पिछले तीन वर्षों के खातों और ऑडिट रिपोर्टों को सदस्यों ने सर्वसम्मति से खारिज कर दिया।
यह फैसला निश्चित रूप से सेंटर के वित्तीय और प्रशासनिक मामलों को लेकर सदस्यों की गहरी चिंता को दर्शाता है। साथ ही, यह जरूरत भी सामने आती है कि सभी वित्तीय मामले पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और नियम-कायदों के अनुसार चलाए जाएँ।
अब सदस्यों और जनता की निगाहें नई प्रबंध समिति पर टिकी हुई हैं। उम्मीद की जा रही है कि नई समिति पिछले मामलों की निष्पक्ष समीक्षा करेगी। यदि किसी वित्तीय अनियमितता या नुकसान का पता चलता है, तो नियम और कानून के अनुसार उसकी भरपाई की कोशिश करेगी। साथ ही, भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो, इसके लिए प्रभावी कदम उठाएगी, ताकि कौम और समुदाय के नाम पर जमा किए जाने वाले फंड का इस्तेमाल पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ जरूरतमंदों और कल्याणकारी कार्यों के लिए किया जाए।
सदस्यों और जनता को उम्मीद है कि प्रोफेसर सईद खान और उनके पैनल के साथी नई प्रबंध समिति में अपनी जिम्मेदारियाँ ईमानदारी, पारदर्शिता और समाज सेवा की भावना के साथ निभाएँगे और कुंभारवाड़ा वेलफेयर सेंटर को फिर से एक मजबूत, प्रतिष्ठित और आदर्श संस्था बनाने में अपना पूरा योगदान देंगे।