मुंबई: पांच राज्यों में बैन हुआ एनालॉग पनीर सेहत के लिए कितना खतरनाक
मुंबई: देश के कई राज्यों में एनालॉग पनीर को लेकर सख्ती शुरू हो गई है। महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों ने इसके उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने का फैसला किया है। सरकारों का कहना है कि बाजार में कई जगह ऐसे उत्पाद पनीर के नाम पर बेचे जा रहे हैं, जो असली दूध से बने पनीर नहीं हैं।इतिहास क्या होता है एनालॉग पनीर? एनालॉग पनीर ऐसा उत्पाद है जो देखने और स्वाद में असली पनीर जैसा बनाया जाता है, लेकिन इसे पूरी तरह या आंशिक रूप से दूध से नहीं बनाया जाता। इसमें दूध की जगह या दूध के साथ वनस्पति तेल, वेजिटेबल फैट, स्टार्च, इमल्सीफायर और अन्य खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसे बनाने का मकसद कम लागत में पनीर जैसा उत्पाद तैयार करना होता है। यही कारण है कि यह होटल, रेस्टोरेंट और बड़े पैमाने पर खाद्य कारोबार में सस्ते विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। असली पनीर और एनालॉग पनीर में अंतर असली पनीर: दूध से तैयार किया जाता है इसमें दूध के प्रोटीन और पोषक तत्व होते हैं स्वाद और बनावट प्राकृतिक होती है एनालॉग पनीर: दूध के बजाय अन्य फैट और सामग्री का इस्तेमाल हो सकता है इसमें प्रोटीन की मात्रा कम हो सकती है
यह सस्ता विकल्प होता है कई बार इसे बिना सही जानकारी के पनीर बताकर बेचा जाता है सरकारों ने क्यों लगाया बैन? राज्य सरकारों का कहना है कि उपभोक्ताओं को असली पनीर के नाम पर ऐसा उत्पाद नहीं मिलना चाहिए, जो दूध से बना हुआ न हो। खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता अधिकारों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एनालॉग पनीर की बिक्री, निर्माण, भंडारण और वितरण पर रोक लगाई। अधिकारियों का कहना है कि इसमें दूध प्रोटीन की जगह बड़ी मात्रा में वनस्पति फैट पाए जाने की शिकायतें मिली थीं।
किन राज्यों में लगा प्रतिबंध? अब तक कई राज्यों ने एनालॉग पनीर के खिलाफ कार्रवाई की है: महाराष्ट्र गुजरात छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश ने भी अन्य राज्यों की कार्रवाई के बाद एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। क्या एनालॉग पनीर खाना नुकसानदायक है? विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कोई उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार बना है और सही लेबलिंग के साथ बेचा जा रहा है तो स्थिति अलग हो सकती है। लेकिन समस्या तब होती है जब गैर-डेयरी उत्पाद को असली पनीर बताकर बेचा जाता है।