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मुंबई : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के साथ देश के कृषि मंत्री का दायित्व संभाल चुके शरद पवार किसानों को सूखा राहत दिलाने के लिए खुद मैदान में उतरेंगे। कम बारिश की वजह से सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहे किसानों का हाल जानने के लिए एनसीपी प्रमुख शरद पवार 28 सितंबर से सूखाग्रस्त इलाकों का दौरा शुरू करेंगे।

एनसीपी शरद पवार गुट के एक नेता ने कहा कि विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र के ज्यादातर जिलों में किसान सूखे का सामना कर रहे हैं। सरकार 5 अक्टूबर के बाद सर्वे शुरू करेगी तब तक किसानों का सब कुछ समाप्त हो जायेगा। सरकार सिर्फ जुबानी और कागजी कार्यवाही करके करना चाहती है, जबकि किसानों तत्काल आर्थिक मदद की जरूरत है। रोहित पवार ने यह ऐसे वक्त पर किया जब कांग्रेस पहले ही अल्टीमेटम दे चुकी है कि सरकार किसानों को आर्थिक मदद दे नहीं तो राज्य में मंत्री घूम नहीं पाएंगे।

किसानों का सूखे से बुरा हाल है, ज्यादातर जिलों में खरीफ की फसल बर्बाद हो गई है, खाद और बीज खेतों में डाल के बावजूद किसानों के हाथ खाली हैं ऐसे में किसानों को तत्काल आर्थिक मदद दिया जाए और इन जिलों को सूखाग्रस्त घोषित की जाए। राज्य के 36 जिलों में से 19 पूरी तरह से सूखाग्रस्त हैं। पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री ने इससे पहले देवेंद्र फडणवीस सरकार को पत्र लिख कर सूखाग्रस्त किसानों को प्रतिहेक्टेयर 50 हजार रुपये देने की मांग की थी।


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