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पुणे : महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता अजित पवार के विमान हादसे की जांच को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अजित पवार के बेटे और एनसीपी के युवा नेता जय पवार ने बुधवार को पुणे स्थित अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के कार्यालय पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने पिता की विमान दुर्घटना से जुड़ी जांच की प्रगति की जानकारी ली और मामले की जांच जल्द से जल्द पूरी करने की मांग की। जय पवार ने अधिकारियों से कहा कि इस संवेदनशील मामले में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और पूरी जांच निष्पक्ष तथा पारदर्शी तरीके से की जानी चाहिए।

सीआईडी अधिकारियों से जांच की प्रगति पर हुई चर्चा

जानकारी के मुताबिक, जय पवार ने पुणे स्थित सीआईडी कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर विमान हादसे से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि अब तक जांच में क्या प्रगति हुई है, किन तथ्यों की पुष्टि की जा चुकी है और किन महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच अभी बाकी है।इसके अलावा उन्होंने जांच पूरी होने में लगने वाले संभावित समय के बारे में भी जानकारी मांगी। जय पवार ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।इस मुलाकात के दौरान विधायक विक्रम काकडे भी उनके साथ मौजूद रहे। जय पवार ने सीआईडी के अपर पुलिस महानिदेशक सुनील रामानंद से भी मुलाकात कर जांच की स्थिति के बारे में जानकारी ली।

'यह सिर्फ परिवार नहीं, लाखों लोगों के भरोसे का सवाल'

जय पवार ने अपने पिता की विमान दुर्घटना से जुड़ी जांच को लेकर भावुक प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अजित पवार के विमान हादसे की सच्चाई सामने आना केवल उनके परिवार के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उन लाखों लोगों के विश्वास से भी जुड़ा हुआ है, जो अजित पवार को अपना नेता मानते थे।उन्होंने कहा कि हादसे के बाद से ही लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। इन सवालों का संतोषजनक जवाब मिलना जरूरी है, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।जय पवार के मुताबिक, जांच का प्रत्येक महत्वपूर्ण पहलू पूरी गंभीरता से परखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान किसी व्यक्ति या संस्था की लापरवाही अथवा जिम्मेदारी सामने आती है, तो कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि मामले की जांच में पारदर्शिता बनाए रखी जाएगी और अंतिम निष्कर्ष तथ्यों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सामने आएगा।

28 जनवरी को बारामती में हुआ था विमान हादसा

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार का 28 जनवरी 2026 को पुणे जिले के बारामती में हुए विमान हादसे में निधन हो गया था। इस दुर्घटना में अजित पवार के अलावा विमान में सवार चार अन्य लोगों की भी मौत हुई थी।इस घटना से महाराष्ट्र की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई थी। अजित पवार राज्य की राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल थे और उन्होंने कई महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर जिम्मेदारियां निभाई थीं।दुर्घटना के बाद संबंधित जांच एजेंसियों ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू की थी। विमान दुर्घटना के तकनीकी कारणों की पड़ताल विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की जिम्मेदारी है, जबकि सीआईडी मामले से जुड़े अन्य कानूनी और आपराधिक पहलुओं की जांच कर रही है।हादसे के वास्तविक कारणों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

नौ महीने बाद भी जांच पूरी होने का इंतजार अजित पवार के निधन को बुधवार, 28 अक्टूबर को नौ महीने पूरे हो गए। इस अवधि के दौरान उनके परिवार, समर्थकों और राजनीतिक सहयोगियों की ओर से दुर्घटना की जांच पूरी होने और सच्चाई सामने आने की अपेक्षा व्यक्त की जाती रही है।जय पवार की सीआईडी अधिकारियों से मुलाकात इसी क्रम में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उन्होंने जांच अधिकारियों से यह भी जानना चाहा कि लंबित जांच संबंधी प्रक्रियाओं को पूरा करने में कितना समय लग सकता है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार अधिकारियों की ओर से जांच पूरी होने की कोई निश्चित तारीख सार्वजनिक नहीं की गई है।जय पवार ने जोर देकर कहा कि जांच को जल्द पूरा करने के साथ उसकी गुणवत्ता और निष्पक्षता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि किसी महत्वपूर्ण तथ्य की अनदेखी न हो। सच्चाई सामने आने तक जारी रहेगा प्रयास सीआईडी अधिकारियों से मुलाकात के बाद जय पवार ने स्पष्ट किया कि जब तक विमान हादसे के वास्तविक कारण सामने नहीं आ जाते, तब तक वे इस मामले को लेकर लगातार जानकारी लेते रहेंगे।उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल जांच में तेजी लाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि दुर्घटना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण तथ्यों की गहराई से पड़ताल की जाए।जय पवार ने कहा कि उनके पिता के निधन से जुड़े सवालों का जवाब मिलना परिवार और उनके समर्थकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए जांच एजेंसियों को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपना काम करना चाहिए। जांच रिपोर्ट पर टिकी समर्थकों की निगाहें अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे और विभिन्न सरकारों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। उनके असामयिक निधन ने प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों को भी प्रभावित किया।अब उनके विमान हादसे की जांच रिपोर्ट को लेकर समर्थकों और राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है। जांच एजेंसियों के निष्कर्ष से ही स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या किसी स्तर पर सुरक्षा संबंधी खामी या लापरवाही सामने आई थी।फिलहाल जय पवार की सीआईडी अधिकारियों से मुलाकात के बाद जांच में तेजी लाने की मांग फिर प्रमुखता से सामने आई है। सभी की नजर इस बात पर है कि जांच एजेंसियां कब अपनी प्रक्रिया पूरी करती हैं और हादसे से जुड़े सवालों के जवाब कब सार्वजनिक होते हैं।


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