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मुंबई : हिंदुस्थान की पहली बुलेट ट्रेन में यात्रा करनेवाले यात्रियों को सफर के समय लगेज का लफड़ा उठाना पड़ सकता है यानी सफर करते समय अपने लगेज के लिए पैसे देने पड़ेंगे। यात्रियों को भारी भरकम लगेज (सामान) ले जाने से रोकने के लिए नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन (एनएचएसआरसीएल) ने पैâसला लिया है कि वह चेक इन करते समय लगेज का पैसा लेगा।
जानकारी के अनुसार हर कोच के अंदर हैंड बैगेज के लिए पर्याप्त जगह होगी। हालांकि आखिरी कोच में कुछ सीटों को हटाया जा सकता है ताकि अतिरिक्त लगेज के लिए जगह बनाई जा सके, जिसके लिए यात्रियों को अतिरिक्त पैसे देने होंगे। यह हिंदुस्थान की पहली बुलेट ट्रेन होगी। उम्मीद है कि इस ट्रेन का परिचालन २०२२ से शुरू हो जाएगा। जापान में बुलेट ट्रेन को शिनकानसेन के नाम से जाना जाता है।
बुलेट ट्रेन के शुरू होते ही हिंदुस्थान में हाई स्पीड ट्रेनों के युग की शुरुआत हो जाएगी, जिसमें ३५० किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ सकेंगी। एनएचएसआरसीएल के अनुसार जापानी लोग यात्रा करते समय अपने साथ ज्यादा सामान नहीं ले जाते हैं। इस कारण उनके यहां चेक-इन लगेज के लिए कोई अतिरिक्त जगह नहीं है मगर हिंदुस्थान के लिए इस ट्रेन को दोबारा डिजायन किया गया है ताकि लगेज के लिए जगह बनाई जा सके।
एनएचएसआरसीएल के प्रबंध निदेशक अचल खरे ने कहा कि यह विचार खासतौर से यात्रियों को ज्यादा मात्रा में सामान लेकर यात्रा करने से हतोत्साहित करने के लिए है। इस पर किसी तरह का नियंत्रण किया जाना चाहिए। हमारा मकसद इससे पैसे कमाने का नहीं है। यदि मुफ्त में इसकी इजाजत दी जाएगी तो इस पर कोई नियंत्रण नहीं रहेगा। इसके अलावा हैंड लगेज और चेक-इन सामान के लिए निर्दिष्ट आयाम होंगे।
नरेंद्र मोदी सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए १५ अगस्त, २०२२ डेडलाइन घोषित की हुई है। इसी साल हिंदुस्थान अपनी स्वतंत्रता के ७५ साल पूरा करेगा। एनएचएसआरसीएल को हालांकि २०२२ तक नेटवर्क के एक हिस्से को खोलने और दिसंबर २०२३ तक इसे पूरा करने की उम्मीद है।
खरे ने कहा कि शुरू में हमारे पास २४ ट्रेनों का सेट होगा, जिसमें से १८ जापान से आएंगी जबकि छह का निर्माण हिंदुस्थान में होगा।
खरे ने आगे कहा कि यह जापान से बिल्कुल अलग है क्योंकि वहां भारी लगेज ले जाने की संस्कृति नहीं है। हम भारी सामान के लिए अलग से जगह बना रहे हैं। यात्रियों को अपने साथ हैंड बैगेज ले जाने की इजाजत होगी लेकिन जो लोग अपने साथ भारी भरकम सामान ले जाना चाहते हैं उन्हें एडवांस में बुकिंग करनी होगी। इसकी अवधारणा केबिन बैगेज और चेक-इन बैगेज की तरह होगी।


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