अररिया में भीड़ ने दो युवकों को बच्चा चोर समझकर पीटना शुरू कर दिया सूचना मिलने पर उन्हें बचाने गई पुलिस टीम को भी ग्रामीणों ने जमकर पीटा और बंधक बना लिया। घटना जिले के फारबिसगंज के जागीर हर हरियाबाड़ा का है। हालांकि ग्रामीणों की पिटाई के बाद सिमराहा पुलिस के दारोगा सहित दो पुलिसकर्मी भीड़ से बचकर निकल भागे लेकिन हवलदार और एक सिपाही को ग्रामीणों ने घंटों बंधक बनाए रखा। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई है। उधर घायल युवकों और पुलिसकर्मियों को फारबिसगंज अनुमंडल अस्पताल में इलाज के भर्ती कराया गया है।
भीड़ की पिटाई से घायल एएसआई(दरोगा) का नाम श्याम कुमार बताया जाता है जबकि हवलदार का नाम राम अयोध्या प्रसाद, सिपाही राजीव कुमार, चालक मंजर आलम और एक अन्य पुलिसकर्मी शामिल है।  वहीं दोनों युवक का नाम मो इनामुल पिता नईम एवं मोहम्मद रिजवान पिता ताहिर बताया जाता है जो अररिया के हरिया बारा निवासी है। इन युवकों ने कहा कि वे लोग समौल अपनी मां से मिलने जा रहे थे। इसी बीच हर हरियाबाड़ा में लोगों ने उन्हें पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार दोनों युवक जड़ी-बूटी विक्रेता है जिसके पीछे बच्चे दौड़ रहे थे। ग्रामीणों को लगा कि दोनों बच्चा चोर है फिर क्या दोनों को पकड़कर पिटाई शुरू कर दी गई। उधर जब देर से पुलिस दोनों युवक को बचाने आई तो लोग आक्रोशित हो गए और पुलिस की भी पिटाई शुरू कर दी। घायल दारोगा श्याम कुमार ने बताया कि दोनों युवक को जंजीर से बांधकर हजारों ग्रामीण पिटाई कर रहे थे जब उसे बचाने गए तो लोगों ने उन लोगों की भी पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद उन लोगों को जान बचाना मुश्किल हो गया।
मामले की पुष्टि करते हुए सिमराहा थाना अध्यक्ष एम हैदरी ने कहा कि भीड़ की पिटाई के शिकार दोनों युवकों को बचाने गई सिमराहा पुलिस टीम के साथ लोगों ने दुर्व्यवहार किया और पिटाई की। भीड़ में फंसे हवलदार और सिपाही को भी सकुशल निकाल लिया गया है। सभी घायल पुलिसकर्मी और युवकों का इलाज कराया जा रहा है। इधर पूरे मामले पर एसपी धूरत शायली सावलाराम नजर बनाई हुई हैं। पुलिस ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी की तैयारी में जुट गई है।

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