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मुंबई : महाराष्ट्र के पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नसीम खान ने शिक्षा में मुस्लिमों को आरक्षण दिए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम आरक्षण पर बोलने का नेता विपक्ष देवेंद्र फडणवीस को कोई नैतिक अधिकार नहीं है। मुस्लिम समाज की 50 पिछड़ी उप जातियों के बच्चों को शिक्षा में दिया गया 5 प्रतिशत आरक्षण कानूनन सही है। हाई कोर्ट ने भी इसे सही माना है। लेकिन फडणवीस सरकार ने जानबूझकर मुस्लिम बच्चों को पिछले पांच साल तक आरक्षण के लाभ से दूर रखा। नसीम खान ने कहा कि कांग्रेस-राकांपा सरकार ने जो मुस्लिम आरक्षण का जो अध्यादेश निकाला था उसे कानून में परिवर्तित नहीं किया। अब जब वापस महा विकास आघाडी की सरकार इस पर कानून बनाने जा रही है, तो फडणवीस विपक्ष में बैठकर इसे धार्मिक रंग दे रहे हैं।

नसीम खान ने कहा कि कांग्रेस-राकांपा सरकार ने 2014 से पहले मोहम्मद उर्र रहमान समिती स्थापित की थी। इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही मुस्लिम समाज की 50 पिछड़ी उपजातियों के विद्यार्थियों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय तत्कालीन कांग्रेस-राकांपा सरकार ने लिया था और अध्यादेश जारी किया था। इसमें कही भी धर्म के आधार पर आरक्षण देने की बात नहीं की गई है। इस आरक्षण का आधार सिर्फ और सिर्फ पिछड़ापन है और महा विकास आघाडी सरकार मुस्लिम समाज की पिछड़ी उपजातियों को आरक्षण देने के लिए कटिबद्ध है।


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