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मुंबई : केंद्र सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति की घोषणा करने के बाद अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति राज्य में नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए सही दिशा में काम करेगी। यह जानकारी सीएमओ ने ट्वीट कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, नई शिक्षा नहीं में कई नई अवधारणाएँ है। इसे देखते हुए राज्य सरकार को कानून में कई बदलाव करने होंगे। इसलिए कुछ आवश्यक और अनिवार्य परिवर्तनों को स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा, राज्य भर के सभी विभागों का प्रतिनिधित्व करने वाले विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के एक समूह की स्थापना करके इस नीति के संदर्भ पर विचार करना हमारे लिए उचित होगा। इसमें तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा के साथ-साथ मातृभाषा शिक्षा, छात्र-केंद्रित शिक्षा, छात्रों में जिज्ञासा पैदा होगी और वे ज्यादा से ज्यादा सवाल पूछ सकेंगे। इससे राज्य के छात्रों को लाभ और समग्र शिक्षा क्षेत्र परिवर्तन होगा।”

ठाकरे ने शुक्रवार को वर्षा निवास पर नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में चर्चा की। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़, उच्च शिक्षा मंत्री उदय सामंत, मराठी भाषा के मंत्री सुभाष देसाई, पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे और शिक्षा राज्य मंत्री बच्चू कडू प्रमुखता से उपस्थित थे। शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधार लाते हुए केंद्रीय कैबिनेट ने हाल में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी दी है। इसमें उच्च शिक्षा में 2035 तक 50 फीसदी नामांकन रेशियो बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। स्कूली शिक्षा में भी एक बड़ा सुधार करते हुए सरकार ने प्री प्राइमरी शिक्षा में एकरूपता लाने और बच्चों के बोझ को कम करने का प्रयास किया है। विभिन्न विभागों, जैसे फॉरेस्ट, इंडस्ट्री, पर्यावरण और खनन आदि के साथ बैठक करते हुए कहा, सरकार पश्चिमी घाटों की जैव विविधता संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।


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