नई दिल्ली : बालासाहेब क्या सोच रहे होंगे...कंगना ने कांग्रेस को यूं ही दिखाया ठाकरे का विडियो!
नई दिल्ली : मुंबई में अभिनेत्री कंगना रनौत के बंगले में बीएमसी की कार्रवाई के बाद बवाल मचा हुआ है। बीएमसी की इस कार्रवाई पर लोग राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। खुद कंगना ने सीएम उद्धव ठाकरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और उन्हें चुनौती तक दे दी है। इस बीच कंगना ने शिवसेना के संस्थापक दिवंगत बालासाहेब ठाकरे का एक चैनल को दिया गया बहुत पुराना वीडियो ट्वीट कर उद्धव पर एकबार फिर हमला किया है।
कंगना ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा है, महान बालासाहेब मेरे फेवरेट शख्स थे। उनका सबसे बड़ा डर था कि एक दिन शिवसेना गठबंधन कर लेगी और कांग्रेस बन जाएगी। कंगना के इस ट्वीट को महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व में मौजूदा गठबंधन सरकार से जोड़कर देखा जा रहा है। इस सरकार में शिवसेना के अलावा कांग्रेस और एनसीपी शामिल हैं। हालांकि एक हकीकत ये भी है कि शिवसेना अपने शुरुआती दौर में कांग्रेस को कई बार समर्थन दे चुकी है। बालासाहेब ने इमर्जेंसी के मुद्दे पर किया था इंदिरा गांधी का समर्थन।
बालासाहेब ने 1966 में शिवसेना की स्थापना की थी। जब इस दल की स्थापना हुई थी तो इसका आधार ही कांग्रेस का विरोध था। मशहूर कार्टूनिस्ट बालासाहेब अपने कार्टून में इंदिरा गांधी पर खूब निशाना साधा करते थे। 1975 में बालासाहेब ने इंदिरा के इमर्जेंसी लगाने के फैसले को सही करार दिया था और वहीं, 1977 के चुनाव में भी कांग्रेस का समर्थन कर दिया था। हालांकि शिवसेना को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ा था।
बालासाहेब ने एक निजी चैनल को दिए गए उस इंटरव्यू में कहा था कि वह अपने लड़के को किसी के सिर पर नहीं बैठा सकते हैं लेकिन अगर लड़के में कोई कृतित्व हो तो खुद आगे आएगा। वंशवाद पर उन्होंने कहा था कि अगर किसी में दम होता तो उसे गद्दी पर बैठाया जाता है, अगर मेरे बेटे में दम होगा तो वह बैठेगा। यह पूछने पर कि दम है उसमें, इसपर बालासाहेब ने कहा था, अभी लड़का तो है, कैसे कहूं नहीं है दम उसमें। कई मौकों पर शिवसेना ने शुरुआत में दिया था कांग्रेस का साथ। 1980 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को शिवसेना ने लोकसभा चुनाव में समर्थन दिया था और अपनी पार्टी के प्रत्याशी नहीं उतारे थे। इसके पीछे बालासाहेब के उस समय के सीएम ए आर अंतुले के साथ रिश्ते कारण बने थे।