मुंबई में बन रही देश की सबसे लंबी शहरी सुरंग! ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल से यात्रा का समय बचेगा, 11 किमी रूट कैसा होगा?
मुंबई : मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन के अंदर ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल प्रोजेक्ट पर काम जल्द ही शुरू होने वाला है। इस पहल से शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच जरूरी कनेक्टिविटी बनेगी। इससे मुंबई और ठाणे के बीच यात्रा की दूरी काफी कम हो जाएगी। 11.84 किलोमीटर लंबा यह रास्ता मौजूदा यात्रा समय को काफी कम कर देगा। इसमें आमतौर पर 60 से 90 मिनट लगते हैं।
2028 तक पूरा होगा रास्ता
ठाणे-बोरीवली ट्विन रूट संजय गांधी नेशनल पार्क के नीचे से गुजरेगा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि निर्माण कार्य जंगल वाले इलाके पर कम से कम पर्यावरणीय असर डालते हुए किया जाएगा। इसलिए इस प्रोजेक्ट के लिए एडवांस्ड टनल बोरिंग मशीनें लगाई जाएंगी। इस रास्ते से यात्रा का समय घटकर सिर्फ 15 मिनट रह जाने की उम्मीद है और प्रोजेक्ट को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल मौजूदा रास्ते की दूरी 23 किलोमीटर है।
ठाणे से कैसे जाते हैं बोरीवली
अभी ठाणे से बोरीवली जाने वाले यात्रियों को घोड़बंदर रोड से गुजरना पड़ता है। लेकिन, इस रास्ते पर रोजाना होने वाले ट्रैफिक जाम की वजह से यात्रा में आमतौर पर एक से डेढ़ घंटा लग जाता है। इसलिए यह महत्वाकांक्षी टनल प्रोजेक्ट नागरिकों को बहुत बड़ी राहत और फ़ायदा पहुंचाएगा। गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड का यह प्रोजेक्ट एक हिस्सा है। इस पर काम मार्च 2023 में शुरू हुआ था और मई 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है। कुल 11.84 किमी लंबे रास्ते में से 10.25 किमी हिस्सा ट्विन टनल सेक्शन होगा।
'नायक' से शुरू होगी खुदाई
टनल की खुदाई के लिए 'नायक' नाम की एक मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा। यह मशीन देश की एकमात्र 'सिंगल शील्ड हार्ड रॉक TBM' (टनल बोरिंग मशीन) है। 'नायक' की मदद से खुदाई का काम जल्द ही शुरू होने वाला है। इसके बाद, 'अर्जुन' नाम की एक मशीन खुदाई का अगला काम करेगी। इन एडवांस्ड टनल बोरिंग मशीनों के इस्तेमाल से यह पक्का होगा कि खुदाई का काम सुरक्षित तरीके से हो।
ट्विन टनल में कुल तीन लेन
दोनों ट्विन टनल में कुल तीन लेन होंगी, जिनमें एक खास इमरजेंसी लेन भी शामिल होगी। इसके अलावा सुरंगों से बाहर निकलने में आसानी के लिए हर 300 मीटर के अंतराल पर क्रॉस-पैसेज बनाए जाएंगे। साथ ही सुरक्षा के लिहाज से सुरंगों के अंदर आग बुझाने के उपकरण, स्मोक डिटेक्टर और LED-आधारित सूचना डिस्प्ले लगाए जाएंगे। इस बीच इन रास्तों के साथ-साथ कनेक्टर सड़कें भी बनाई जाएंगी। ठाणे की घोड़बंदर रोड को वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जोड़ा जाएगा। इससे इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा।