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मुंबई : लॉकडाउन में फंसे मुंबई के प्रवासी मजदूरों के लिए स्पेशल ट्रेन छोड़ने का सिलसिला तेज हो गया है, परंतु उपनगर ठाणे, कल्याण से यूपी के लिए कोई ट्रेन न छोड़े जाने से प्रवासियों में चिंता का माहौल है.डेढ़ महीने से लॉकडाउन खुलने का इंतजार कर रहे उपनगरों के हजारों मजदूर पैदल ही गांव निकल गए हैं.बड़ी संख्या में प्रवासियों के पैदल के अलावा ट्रक,टेम्पो और अन्य वाहनों से निकलते देख प्रशासन के भी पसीने छूट गए.

प्रवासी मजदूरों के लिए पिछले तीन दिनों में मुंबई से 18 से 20 ट्रेनें यूपी-बिहार के लिए छोड़ी गईं.रविवार को 7 ट्रेनें रवाना की गईं.उपनगर ठाणे, कल्याण, भिवंडी में भी लाखों की संख्या में यूपी के प्रवासी मजदूर हैं, जबकि अब तक एक मात्र ट्रेन भिवंडी से यूपी के गोरखपुर के लिए छोड़ी गई है.अब तक ठाणे-कल्याण से बिहार-एमपी के लिए ट्रेनें छोड़ी गईं हैं. पुलिस स्टेशनों के चक्कर लगा कर थक चुके मजदूर बड़ी संख्या में पैदल और अन्य वाहनों से परेशानी झेलते हुए निकल दिए हैं.पैदल मजदूरों की परेशानी की खबर आने के बाद राज्य सरकार अब एसटी की बसों से लोगों को महाराष्ट्र की सीमा तक मुफ्त में पहुंचाने का निर्णय लिया है.

मुंबई की तरह ठाणे, कल्याण,भिवंडी से भी यूपी जौनपुर, प्रतापगढ़, बनारस  प्रयाग, आजमगढ़, फैजाबाद आदि जिलों के लिए ट्रेन छोड़े जाने की मांग हो रही है. सोमवार को रात 8 बजे तक मुंबई सीएसएमटी से बस्ती, एलटीटी से बस्ती, एलटीटी से गोरखपुर, एलटीटी से सहरसा और एलटीटी से जौनपुर के लिए ट्रेन रवाना की गई. इसके अलावा ठाणे से कलबुर्गी,पुणे से जबलपुर, हरिद्वार श्रमिक स्पेशल ट्रेन छोड़ी गई.


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