डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया को शिकस्त देने कड़ा कदम
मुंबई,
सितंबर महीने में मलेरिया के ६०७ मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए थे। बीते ३
दिनों पर गौर करें तो सोमवार को ५३६ मंगलवार को ४५३ और बुधवार को १६९
मलेरिया के मरीज पाए गए। सितंबर में डेंगू के २५७ मरीज मिले थे। उपरोक्त
तीन दिनों में डेंगू के ११० मरीज मिले हैं। गैस्ट्रो के सितंबर महीने में
२४५ मरीज पाए गए थे जबकि बीते ३ दिनों में ४८८ गैस्ट्रो के मरीज मिले हैं।
पिछले महीने हेपेटाइटिस के २८ मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए थे। इसकी तुलना
में पिछले ३ दिनों में १११ मरीज हेपेटाइटिस के मिले हैं। चिकनगुनिया के
पिछले महीने में ७ मरीज पाए गए थे, बीते ३ दिनों में १५ मरीज मिले हैं। इसी
तरह पिछले सितंबर महीने में एच१एन१ के ९ मामले सामने आए थे, बीते ३ दिनों
में एच१एन१ के ८ मरीज मिले हैं।
पिछले दो वर्ष की
तुलना करें तो वर्ष २०१९ में मलेरिया के ४,३५७, वर्ष २०२० में ५,००७ मामले
सामने आए थे। इस वर्ष २०२१ में १ जनवरी से लेकर १० अक्टूबर तक ४,१७२
मलेरिया के मरीज मिले हैं। लेप्टोस्पायरोसिस के वर्ष २०१९ में २८१ और वर्ष
२०२० में २४० मरीज मिले थे।
इस साल १ जनवरी १०
अक्टूबर तक १९६ मामले सामने आए हैं। वर्ष २०१९ में डेंगू के ९२०, वर्ष २०२०
में १२९ मामले सामने आए थे। इस साल १ जनवरी से १० अक्टूबर तक डेंगू के ५७३
मरीज मिले हैं। इसी तरह गैस्ट्रो के वर्ष २०१९ में ७,७८५ मामले आए थे।
वर्ष २०२० में यह आंकड़ा २,५४९ रहा। इस साल १ जनवरी १० अक्टूबर तक गैस्ट्रो
के २,१९० मामले मुंबई में सामने आए हैं। हेपेटाइटिस के वर्ष २०१९ में १,५३४
मरीज मिले थे वर्ष २००० में २६३ और इस साल १ जनवरी १० अक्टूबर तक २०६ मरीज
हेपेटाइटिस के मिले हैं। चिकनगुनिया की स्थिति वर्ष २०१९ और २,०२० में
शून्य रही। इस साल चिकनगुनिया के अब तक ३० मरीज मिले हैं। स्वाइन फ्लू
(एच१एन१) के वर्ष २०१९ में ४५१, वर्ष २०२० में ४४ और इस साल अब तक ५९ मामले
सामने आ चुके हैं।